
[Verse] इश्क की जंजीर में फंसा मैं तेरी आँखों का पागल कोई पैगाम दिल की बगावत पर रोक ना लगता खुदा भी यहाँ है नूर का गुलाम [Verse 2] दीवानी तेरा हर एक अंदाज़ छलके जैसे पैमाने भरा जाम तेरे लबों से निकले हर आवाज़ दिलों के तार छेड़े बिन मौसिक शोर [Chorus] पगली तू जाने क्या मुझसे माँगे आशिक हूं तेरा जान से प्यारे तेरे नाम की हर सदा लगे ऐसी जैसे खुदा ने खुद तुझको संजारे [Bridge] तेरी सूरत में है दुनिया सारी ख्वाबों में बसी तू ख्वाबों की संगवारी तेरे लिए ये दिल करे बगावत तू ही मेरा जादू तू ही मेरी काली [Verse 3] रातों को तेरे ख्याल का होता मदहोश सा रहता सुबह का उजाला तेरे बिना सूना लगे ये जहाँ जाओ जहां सजा आशिक के सपनों का माला [Chorus] पगली तू जाने क्या मुझसे माँगे आशिक हूं तेरा जान से प्यारे तेरे नाम की हर सदा लगे ऐसी जैसे खुदा ने खुद तुझको संजारे

