
किताबों से कर लो यारी! जान लो उनसे दुनियादारी। शब्द नहीं, मोती हैं सारे; पन्नों की खुशबू पुकारे। आओ निकलकर, टच्स्क्रीन से बचकर; समय से बढ़कर समझदारी, किताबों से कर लो यारी। ज्ञान के निर्मल ये बहते झरने, सागर से गहरे इनके हर पन्ने। न ये कागज, ये तो है खजाना, संसार को सारे है ये बताना। ढूंढने से ईश्वर है मिलता, पढ़ने से ही ज्ञान है बढ़ता। किताबों से कर लो यारी, जान लो उनसे दुनियादारी। साल कई लगे लिखने में, सालों का तजुर्बा ढाले पन्नों में। सीख, नसीहत, जोश और जुनून, कभी बेचैनी, कभी दर्द और सुकून। दाम न देखें, है लेख अनमोल, खरीद लो उनके हर लिखे बोल। किताबों से कर लो यारी, जान लो उनसे दुनियादारी। क्या ही सुनहरा मिला है मौका, शब्दों का मेला है लगा अनोखा। चुकाना कम, पाना है ज़्यादा, ले आओ बस मजबूत इरादा। ले जाओ उनका ज्ञानी ख़ज़ाना, वक़्त सही है, ना देर लगाना। किताबों से कर लो यारी, जान लो उनसे दुनियादारी। किताबों से कर लो यारी, जान लो उनसे दुनियादारी।

