Song Cover Image

अजब फकीरी

+ Show full styles
V5.5

कहत फकीरा, सुनो भई लोगो, बात कहूँ मैं खरी — कि दुनिया दो नंबरी, तो मैं बीस नंबरी। कि दुनिया दो नंबरी, तो मैं बीस नंबरी। दीप-ज्योति में बैठे कुटीर में, चरखा वो तो चलाते थे, सूत कात के धागा और, धागे से धोती बनाते थे। बीस लाख का सूट पहन, तस्वीर खिंचवाऊँ मेरी। कि दुनिया दो नंबरी, तो मैं बीस नंबरी। सीना तान खड़ा सरहद पर, पहने वर्दी पुरानी; रोटी उसकी कच्ची-पकी, दाल उसकी पानी। मैं तो फकीर, बताऊँ कैसे मशरूम की कीमत भारी! कि दुनिया दो नंबरी, तो मैं बीस नंबरी। असमंजस में 'शब्द धनि', क्या ऐसी फकीरी होती है? झोला लेकर आती है, और झोला लेकर जाती है! उन दो झोलों के बीच, हाय! झलके अजब अमीरी। कि दुनिया दो नंबरी, तो मैं बीस नंबरी। कि दुनिया दो नंबरी, तो मैं बीस नंबरी। कहत फकीरा, सुनो भई लोगो, बात कहूँ मैं खरी — कि दुनिया दो नंबरी, तो मैं बीस नंबरी।